1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. मध्य प्रदेश में अब 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और रेस्टोरेंट, कर्मचारियों के लिए भी नए नियम

मध्य प्रदेश में अब 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और रेस्टोरेंट, कर्मचारियों के लिए भी नए नियम

 Reported By: Anurag Amitabh Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Aug 13, 2026 06:50 pm IST,  Updated : Aug 13, 2026 06:56 pm IST

मध्य प्रदेश में नई श्रम शक्ति संहिता 2026 को मंजूरी मिलने के बाद दुकानें, मॉल, होटल और रेस्टोरेंट 24 घंटे, सातों दिन खुल सकेंगे। हालांकि कर्मचारियों से सप्ताह में 48 घंटे और प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे काम कराया जा सकेगा। ओवरटाइम भुगतान, महिला सुरक्षा, परिवहन और कार्यस्थल सुरक्षा के नियम भी लागू होंगे।

Madhya Pradesh Shops Open 24 Hours, MP Labour Code 2026, Madhya Pradesh New Labour Rules- India TV Hindi
मध्य प्रदेश में अब 24 घंटे दुकानें और रेस्टोरेंट खुले रह सकते हैं। Image Source : INDIA TV

Highlights

  • मध्य प्रदेश में दुकानें, मॉल, होटल और रेस्टोरेंट अब 24 घंटे खुल सकेंगे।
  • कर्मचारियों से सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकेगा।
  • महिलाओं की सुरक्षा, ओवरटाइम भुगतान और फायर सेफ्टी की जिम्मेदारी मालिकों पर होगी।

भोपाल: मध्य प्रदेश में कारोबार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ‘मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता), 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके बाद प्रदेश में दुकानें, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित करने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, कारोबार का समय बढ़ाने के साथ सरकार ने कर्मचारियों के काम के घंटे, ओवरटाइम, सुरक्षा और महिला कर्मचारियों से जुड़े नियम भी तय किए हैं। यानी प्रतिष्ठान रात-दिन खुले रह सकते हैं, लेकिन कर्मचारियों से मनमाने तरीके से काम नहीं कराया जा सकेगा।

24 घंटे खुले रहेंगे व्यावसायिक प्रतिष्ठान

नई व्यवस्था के तहत दुकानों और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन की समय सीमा को आसान बनाया गया है। अब जरूरत के अनुसार दुकान, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठान 24 घंटे चलाए जा सकेंगे। इसका मकसद कारोबार को बढ़ावा देना और राज्य में व्यावसायिक गतिविधियों को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है। हालांकि, रात में कारोबार और कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर अलग-अलग सुरक्षा प्रावधान लागू होंगे।

कर्मचारियों से 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं

24 घंटे प्रतिष्ठान खुले रहने का मतलब यह नहीं है कि कोई कर्मचारी भी लगातार काम करेगा। नए नियम के मुताबिक, किसी कर्मचारी से एक सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकेगा। इसके लिए प्रतिष्ठानों को कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्ट सिस्टम में लगानी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि किसी कर्मचारी से लगातार लंबे समय तक काम न कराया जाए। नई व्यवस्था में एक दिन में काम के घंटों को लेकर भी सीमा तय की गई है। विधानसभा में पेश प्रावधानों के अनुसार, कर्मचारी की दैनिक ड्यूटी 12 घंटे से ज्यादा नहीं हो सकती। अगर किसी कर्मचारी से तय समय से ज्यादा काम कराया जाता है तो उसकी सहमति लेना जरूरी होगा। इसके साथ ही ओवरटाइम के लिए नियमों के मुताबिक अतिरिक्त भुगतान भी करना होगा।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान की गई

सरकार ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान की है। अब प्रतिष्ठान को एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पर्याप्त होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद प्रतिष्ठान को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी। भविष्य में दुकान या प्रतिष्ठान से जुड़ी किसी जानकारी में बदलाव होता है तो उसे ऑनलाइन अपडेट किया जा सकेगा। इससे कारोबारियों को बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने और कागजी प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी कम होगी। नए नियमों में कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। प्रतिष्ठान मालिकों को कार्यस्थल पर साफ-सफाई, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने होंगे। यानी रात-दिन कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद हों।

महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा

नई संहिता में महिला कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित कार्यस्थल के विशेष प्रावधान किए गए हैं। रात की शिफ्ट में महिलाओं के काम करने की भी व्यवस्था की गई है, लेकिन इसके लिए नियोक्ता को उनकी सुरक्षा और जरूरी परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसका मकसद यह है कि कारोबार के घंटे बढ़ने का फायदा महिलाओं को भी मिले, लेकिन उनकी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो। सरकार ने इस व्यवस्था में असंगठित क्षेत्र के कामगारों को भी जोड़ने की पहल की है। रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और अन्य श्रमिकों को अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए श्रमिकों से जुड़ी शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि उन्हें अपनी समस्याओं के लिए आसानी से संबंधित विभाग तक पहुंचने का रास्ता मिल सके।

नियम तोड़े तो श्रम विभाग करेगा जांच

नई संहिता के तहत श्रम विभाग के अधिकारियों को प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने और जरूरी दस्तावेजों की जांच करने का अधिकार होगा। अगर किसी प्रतिष्ठान में कर्मचारियों के काम के घंटे, ओवरटाइम, सुरक्षा या दूसरे नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो श्रम विभाग जांच कर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगा। सरकार की नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में कारोबार को ज्यादा सुविधाजनक बनाना और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही कर्मचारियों के काम के घंटे, ओवरटाइम, सुरक्षा, महिला कर्मचारियों की सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। इस तरह मध्य प्रदेश में अब 24 घंटे कारोबार की अनुमति तो होगी, लेकिन इसके साथ कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षित कार्यस्थल की जिम्मेदारी भी प्रतिष्ठान मालिकों पर रहेगी।

ये भी पढ़ें: अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन से मिले CM मोहन, बोले- 'ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश से MP बनेगा आत्मनिर्भर'

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। मध्य-प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।